आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर नीट विवाद को लेकर मिलीभगत का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रधानमंत्री के निवास के पास विरोध प्रदर्शन छात्रों के आंदोलन से ध्यान भटकाने का प्रयास था।
आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जहां छात्रों के विरोध पर सख्त कदम उठाए गए, वहीं राहुल गांधी के प्रदर्शन की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों की प्राथमिक मांगों और नीट पेपर लीक से संबंधित जवाबदेही मुद्दों से सार्वजनिक और मीडिया का ध्यान भटका।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी विरोध प्रदर्शनों के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि संसद के पास विरोध करने वाले छात्रों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जबकि सरकार ने राहुल गांधी के विरोध पर शीघ्र प्रतिक्रिया दी।
विरोध के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात की और कहा कि सरकार संसद में नीट से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और कई कांग्रेस सांसदों को हिरासत में ले लिया।
आप का तर्क है कि घटनाओं की इस श्रृंखला ने छात्रों के आंदोलन की मूल मांगों से ध्यान हटा दिया और विपक्षी पार्टियों के बीच राजनीतिक टकराव को तेज कर दिया।